चक्रवात ‘अर्नब’ का महाखतरा! आंध्र तट पर 150 KM की रफ्तार से टकराने की आशंका
कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) | मौसम अलर्ट बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने पूर्वी भारत में चिंता बढ़ा दी है। तूफान के बेहद गंभीर रूप लेने की आशंका के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्र में उफान के खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान के आंध्र प्रदेश के तटवर्ती क्षेत्र में पहुंचने के दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों में 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि, तूफान की वास्तविक दिशा, गति और तट से टकराने के समय की पुष्टि के लिए मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर राहत अभियान
चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हजारों लोगों को चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने, पेड़ गिरने और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे और हवाई सेवाओं पर संकट
चक्रवात के खतरे के बीच यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक, एहतियातन कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें गोदावरी एक्सप्रेस, गौतमी एक्सप्रेस, विशाखा एक्सप्रेस, फलकनुमा एक्सप्रेस, नरसापुर एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी प्रमुख ट्रेनों के नाम शामिल बताए गए हैं।
वहीं, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा से आने-जाने वाली उड़ानों पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका है। विजयवाड़ा से संचालित कुछ उड़ानों को रद्द किए जाने की सूचना है। एयरलाइंस और रेलवे ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन या फ्लाइट का ताजा स्टेटस जांचने की सलाह दी है। यात्रियों को केवल पुरानी कैंसिलेशन सूची के आधार पर यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए।
विशाखापत्तनम और तटीय इलाकों में बढ़ी सतर्कता
तूफान के करीब पहुंचने के साथ आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश का खतरा बढ़ गया है। विशाखापत्तनम सहित संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और आपात स्थिति में राहत कार्यों को तेजी से संचालित करना है।
ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर और आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं तथा बारिश का असर दिखाई देने की सूचना है। गजपति जिले के गुम्मा ब्लॉक में तेज हवा से एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिरने के कारण गुम्मा-नुआगड़ा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। आपातकालीन सेवा की टीम ने पेड़ हटाकर रास्ता साफ किया और आवागमन बहाल कराया।
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी
चक्रवात के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां तथा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम सहित कई जिलों के लिए मौसम संबंधी चेतावनियां जारी की हैं। कुछ जिलों में बाद के दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट की भी सूचना दी गई है।
रांची और पश्चिमी सिंहभूम में 28 और 29 अक्टूबर को नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में पढ़ाई स्थगित रखने के आदेश की जानकारी सामने आई है। निजी स्कूलों में पहले से निर्धारित परीक्षाओं को लेकर संबंधित संस्थानों को प्रशासन के निर्देशों के अनुसार निर्णय लेना होगा। अभिभावकों को अपने स्कूल से जारी सूचना की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
ओडिशा और अंडमान में भी एहतियाती कदम
ओडिशा के संवेदनशील जिलों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने मीडिया संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों से भी अपुष्ट खबरें या भ्रामक चेतावनियां प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। समुद्र में और तटीय क्षेत्रों में संचालित पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
आम लोग इन सावधानियों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
चक्रवात के दौरान तेज हवा में पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे गिरने का खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। समुद्र तट, नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली के टूटे तारों को न छुएं और अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय मौसम विभाग, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए 28 अक्टूबर को यात्रा, स्कूल, ट्रेन या विमान सेवा से जुड़ी किसी भी योजना से पहले नवीनतम आधिकारिक अपडेट अवश्य जांचें।
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