व्रत में मिठास का खास स्वाद, घर पर बनाएं साबूदाना क्रिस्टल जलेबी रंजना की रसोई |
शारदीय नवरात्रि स्पेशल। राष्ट्र की परम्परा
शारदीय नवरात्रि के दौरान बहुत से लोग अपनी दिनचर्या और खानपान में बदलाव करते हैं। व्रत में ऐसा भोजन चुनना जरूरी है, जो स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को ऊर्जा भी दे। इसी बीच पारंपरिक फलाहार में कुछ नया आजमाना चाहते हैं, तो साबूदाना क्रिस्टल जलेबी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। फूड क्रिएटर रिंचेन वांगडी भूटिया ने भी इस खास रेसिपी को साझा किया है।आम जलेबी से अलग दिखने वाली इस मिठाई का आकार और पारदर्शी-सा रूप इसे खास बनाता है। साबूदाने से तैयार होने के कारण इसकी बनावट भी अलग होती है। आइए, रंजना की रसोई में जानते हैं इसे बनाने का पूरा तरीका।
साबूदाना क्रिस्टल जलेबी बनाने के लिए सामग्री
जलेबी के लिए
– एक बड़ा चम्मच घी
– एक बड़ा चम्मच पिसी हुई चीनी
– एक चुटकी नमक
– जरूरत के अनुसार पानी
– तलने के लिए तेल या घी
चाशनी के लिए
– एक कप चीनी
– दो से तीन हरी इलायची
– नींबू के रस की कुछ बूंदें
पहली विधि: जलेबी का घोल तैयार करें सबसे पहले एक पैन में साबूदाना डालकर कुछ मिनट तक धीमी आंच पर सूखा भून लें। ध्यान रखें कि साबूदाना जले नहीं। इसे ठंडा होने के बाद मिक्सर में बारीक पीस लें। अब इसमें घी, पिसी चीनी और नमक मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा और चिकना घोल तैयार करें। घोल इतना गाढ़ा होना चाहिए कि पाइपिंग बैग से आसानी से निकाला जा सके और अपनी आकृति बनाए रखे।
दूसरी विधि: आकार दें और भाप में पकाएं तैयार घोल को पाइपिंग बैग में भर लें। स्टील की प्लेट पर हल्का तेल लगाकर जलेबी की गोल-गोल आकृतियां बनाएं। अब प्लेट को स्टीमर में रखकर लगभग दो से तीन मिनट तक भाप में पकाएं। जब जलेबी का आकार बन जाए, तो इन्हें सावधानी से निकालकर ठंडा होने दें। इसके बाद धीमी से मध्यम आंच पर कुरकुरा होने तक तलें। जलेबी को सुनहरा करने के बजाय हल्का और पारदर्शी रूप बनाए रखने की कोशिश करें।
तीसरी विधि: चाशनी बनाकर दें मीठा स्वाद एक पैन में चीनी और पानी डालकर गर्म करें। इसमें कुटी हुई हरी इलायची और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएं। चाशनी को तब तक पकाएं, जब तक वह हल्की चिपचिपी न हो जाए। अब तली हुई जलेबियों को गर्म चाशनी में डुबोएं और कुछ देर बाद निकालकर परोसें। चाहें तो सजावट के लिए थोड़े कटे पिस्ते भी डाल सकते हैं।
क्रिस्टल जलेबी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
साबूदाने को जितना बारीक पीसेंगे, घोल उतना ही चिकना बनेगा। पहली बार पूरी जलेबी बनाने से पहले एक छोटी जलेबी बनाकर उसका आकार जांच लें। भाप में पकने के बाद जलेबियां नाजुक हो सकती हैं, इसलिए उन्हें सावधानी से उठाएं। घोल बहुत पतला होने पर आकृति बिगड़ सकती है, जबकि ज्यादा गाढ़ा होने पर उसे निकालना मुश्किल होगा।
व्रत की थाली में क्यों करें शामिल?
साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है, इसलिए यह ऊर्जा प्रदान करता है। हालांकि, इस जलेबी में चीनी और तलने के लिए इस्तेमाल होने वाले घी या तेल की मात्रा भी ध्यान में रखनी चाहिए। इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है। व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पिएं और अपने फलाहार में फल, दूध, दही तथा अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थ भी शामिल करें।रंजना की रसोई से खास सुझाव: इस नवरात्रि घर पर साबूदाना क्रिस्टल जलेबी बनाकर अपने फलाहार में मिठास जोड़ें। सही घोल, सावधानी से भाप में पकाने और संतुलित चाशनी से यह अनोखी मिठाई त्योहार के स्वाद को और खास बना सकती है।