गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के झंगहा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब 15 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने बॉयफ्रेंड से शादी की जिद को लेकर करीब 200 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई। टंकी पर खड़ी लड़की जोर-जोर से चिल्लाते हुए कह रही थी कि यदि उसकी शादी उसके प्रेमी से नहीं कराई गई तो वह कूदकर जान दे देगी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।
जानकारी के अनुसार झंगहा क्षेत्र की रहने वाली लड़की शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अपने घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। ऊपर पहुंचते ही उसने नीचे खड़े लोगों से अपनी बात कहना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने पहले खुद ही लड़की को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार टंकी की रेलिंग के पास जाकर कूदने की कोशिश करती, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
करीब एक घंटे बाद सूचना मिलने पर झंगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। पुलिसकर्मियों ने भी काफी देर तक उसे समझाया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। स्थिति को गंभीर देखते हुए पुलिस ने लड़की के 17 वर्षीय प्रेमी को भी मौके पर बुलाया।
पुलिस ने लड़की को भरोसा दिलाया कि उसकी शादी उसी लड़के से कराई जाएगी। इसके बाद भी जब वह पूरी तरह आश्वस्त नहीं हुई, तो मौके पर सिंदूर, माला और शादी से जुड़े अन्य सामान मंगवाए गए। इन सबको देखकर लड़की का विश्वास बना और वह टंकी से नीचे उतरने के लिए तैयार हो गई।
जैसे ही लड़की नीचे उतरी, पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, नीचे आने के बाद जब पुलिस ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और इस उम्र में शादी करना उचित नहीं है, तो वह फिर से टंकी की ओर भागने लगी। स्थिति को भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और शांत कराया।
इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहां काउंसलिंग के माध्यम से उन्हें समझाया गया। पुलिस ने नाबालिग विवाह के कानूनी पहलुओं और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी। थाना प्रभारी अनूप सिंह के अनुसार करीब डेढ़ घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद लड़की को सुरक्षित बचा लिया गया। समझाने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है और अब वह बालिग होने के बाद ही शादी करने पर सहमत हुई है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि प्राथमिकता लड़की की जान बचाना और स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित करना था। परिजनों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्ची पर विशेष ध्यान दें और उसकी काउंसलिंग कराएं।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि किशोरावस्था में बच्चों को सही मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग की कितनी आवश्यकता होती है। समय रहते संवाद और समझदारी से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
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