तिलौली गांव में गुरुवार रात दर्दनाक हादसा, ग्रामीणों की मदद से पाया गया आग पर काबू
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के तिलौली गांव में गुरुवार की रात अचानक लगी आग से पशुपालक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव निवासी धुरेन्द्र राजभर की मड़ई में आग लगने से दो बछिया की जलकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गाय गंभीर रूप से झुलस गई। घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात लगभग 9:30 बजे धुरेन्द्र राजभर रोज की भांति अपने पशुओं को मड़ई में बांधकर पास स्थित अपने रिहायसी मकान में सोने चले गए थे। इसी दौरान अचानक मड़ई से धुआं निकलता दिखाई दिया। जब तक परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते मड़ई में बंधे पशु आग की चपेट में आ गए और दो बछिया जलकर राख हो गईं, जबकि एक गाय बुरी तरह झुलस गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। रास्ता संकरा और दुर्गम होने के कारण फायर ब्रिगेड को सूचना नहीं दी जा सकी। इसी बीच सूचना पर चौकी प्रभारी मालदा नीरज कुमार यादव अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह राजस्व विभाग को दी गई, जिसके बाद हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। साथ ही पशु चिकित्सालय की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, जहां मृत बछियों का पोस्टमार्टम कराया गया। झुलसी गाय का उपचार पशु चिकित्सकों द्वारा किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, आग लगने का स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चल सका है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या जलते उपले से आग फैलने की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।
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