
आगरा(राष्ट्र की परम्परा)
पवित्र सावन के पहले सोमवार को शिव आस्था और भक्ति की गंगा प्रवाहमान हो रही हैं। पवित्र श्रावण मास के शुभ अवसर पर राजेश खुराना ने परिवार सहित तमिलनाड स्थित श्रीरामेश्वरम परमधाम में अग्नितीर्थम सागर में स्नान कर 22 तीर्थ कुओं के जल से भगवान भोले का जलाभिषेक व पूजा अर्चना कर विश्व शांति, देश व प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि, सम्पन्न स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगल कामना की।
आगरा स्मार्ट सिटी, भारत सरकार के सलाहकार सदस्य, राष्ट्रवादी सामाजिक चिंतक, लेखक, पत्रकार एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजेश खुराना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन माह आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति लाए और भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा एवं आशीर्वाद सदैव सभी पर बना रहे। यही हमारी कामना है। हम सब जानते हैं देश की परम्परा में भगवान शिव जिन्हें हम भोले के नाम से भी जानते हैं। वे सबका उद्धार करते हैं और सबका भरण पोषण भी करते हैं। इसलिए पवित्र श्रावण मास के शुभ अवसर पर पूरे देश में विशेष रूप से आयोजन होते हैं। इस शुभ अवसर पर मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने का अपने आप में बड़ा ही महत्व है। क्योंकि जहां आस्था है वहीं परमात्मा बसता है। मुझे सर्व समाज के लोगों ने जात-पात, अमीर-गरीब से ऊपर उठकर मान सम्मान देकर जो जिम्मेदारी सौंपी है, हम उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाएंगे। हमारी कामना की है कि देश – प्रदेशवासियों पर भगवान भोलेनाथ की कृपा हमेशा बनी रहे और भगवान भोलेनाथ ने आशीर्वाद से सभी उन्नति एवं खुशहाली के पथ पर बढ़ते रहें। हम विश्व में शांति और लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि, सम्पन्न, स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगल कामना करते हैं।
खुराना ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पवित्र श्रावण मास विशेष महत्व रखता है।इस वर्ष सावन 59 दिन का है। जो भी भक्तगण सावन मास में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करा कर लोगों को भंडारा की प्रसाद वितरित करते हैं एवं स्वयं ग्रहण करते हैं। भगवान भोलेनाथ उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। हम सबके प्रिय भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने एवं मनोकामना मांगने का यह अवसर होता है, इस पावन सावन के महिने में भगवान शिव अति प्रसन्न होकर सबकी मनोकामनायें पूरी करते हैं। भगवान शिव ऊर्जा और शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। भगवान भोलेनाथ ने समस्त सृष्टि के कल्याण के लिए विष को अपने कण्ठ में धारण कर लिया था। भगवान भोलेनाथ हमें त्याग, समर्पण और प्राणीमात्र के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देते हैं। इसी विचार के साथ पुनः देश – प्रदेशवासियों को पवित्र सावन मास की मंगलकारी शुभकामनाएं।
