गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। मंडलायुक्त सभागार में 64वीं गीडा बोर्ड बैठक का आयोजन मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में गोरखपुर जनपद के औद्योगिक एवं शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों, औद्योगिक निवेश और भूमि आवंटन की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, गीडा सीईओ अनुज मलिक, जीडीए सचिव पुष्प राज सिंह, गीडा ओएसडी अनुपम मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बोर्ड के समक्ष गीडा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सीईओ ने बताया कि बीते कार्यकाल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गीडा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूमि आवंटन किया गया है। सर्वाधिक भूमि औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई, जिससे रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली है। लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न सेक्टरों में भू-खंड उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गीडा में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, आईटी एवं सहायक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी भूमि आवंटित की गई है। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और गोरखपुर में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। साथ ही गीडा क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति, विद्युत, ड्रेनेज और सुरक्षा व्यवस्था जैसी आधारभूत सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने निर्देश दिए कि भूमि आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो तथा आवंटित भूमि पर निर्धारित अवधि में औद्योगिक गतिविधियां शुरू कराई जाएं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गीडा के समग्र विकास पर जोर देते हुए कहा कि उद्योगों के साथ-साथ श्रमिकों और आम नागरिकों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाए।
गीडा बोर्ड बैठक में भविष्य की कार्ययोजनाओं, नए निवेश प्रस्तावों और गोरखपुर को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। बैठक के अंत में अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गोरखपुर के औद्योगिक विकास को नई गति देने के निर्देश दिए गए।
64वीं गीडा बोर्ड बैठक में औद्योगिक निवेश, भूमि आवंटन और विकास योजनाओं पर अहम निर्णय
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