औचक निरीक्षण: शिक्षा और मिड-डे मील व्यवस्था पर सख्त निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रुच्चापार, बैतालपुर, गुदरी और पोखरभिंडा स्थित विद्यालयों का भ्रमण कर शैक्षणिक वातावरण, स्वच्छता, जल आपूर्ति, मिड-डे मील और बुनियादी ढांचे की स्थिति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसरों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शौचालयों को साफ-सुथरा और पूरी तरह उपयोग योग्य बनाए रखने के निर्देश दिए। कई विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत की आवश्यकता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त फर्श टाइल्स और अन्य संरचनात्मक कमियों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। जिन शौचालयों में जल आपूर्ति बाधित थी, उन्हें शीघ्र दुरुस्त करने को कहा गया।

मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता को सामान्य रूप से संतोषजनक पाया गया, लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता बताई गई। निर्देश दिए गए कि भोजन पौष्टिक, स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों तथा समुदाय के सहयोग से प्रयास तेज करने को कहा गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे दोनों पर समान रूप से जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कक्षाएं साफ-सुथरी हों, शिक्षण सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो और बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां रंगाई-पुताई, फर्नीचर या मरम्मत की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने को कहा गया।

शिक्षकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता और शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर ध्यान दिया जाए। शिक्षकों को प्रेरक और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि बच्चे उत्साहपूर्वक विद्यालय आएं और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां ढूंढना नहीं, बल्कि सुधार की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाना है। निरीक्षण में पाई गई कमियों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने और समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय निरीक्षक और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन ने संकेत दिया कि नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।

देवरिया परिषदीय विद्यालय निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि प्रशासन शिक्षा, स्वच्छता और पोषण संबंधी मानकों को लेकर गंभीर है। निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से विद्यालयों में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

गोरखपुर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता पाठ्यक्रम में पीएचडी की होगी शुरुआत

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा…

1 hour ago

औरैया में गौवंशों की देखभाल पर उठे सवाल, ग्राम सचिव को नोटिस जारी करने की तैयारी

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में औरैया गौशाला निरीक्षण के दौरान मिली गंभीर अव्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी…

2 hours ago

दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0: मऊ में रोजगार मेले से 21 को मिला सहारा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के…

2 hours ago

जिला स्वास्थ्य समिति बैठक देवरिया में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त निर्देश

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को…

2 hours ago

आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत केवाईसी जागरूकता अभियान तेज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार को बढ़ावा देने के…

2 hours ago

स्टे के बाद भी निर्माण, धमकी और कब्जा—देवरिया भूमि विवाद ने खोले प्रशासनिक पोल

🔴 देवरिया भूमि विवाद: सिविल कोर्ट के स्टेटस क्वो आदेश की अवहेलना, अवैध निर्माण और…

3 hours ago